कोटद्वार में जौनपुर क्षेत्र के घरों में पहुंच रहा दूषित पानी।
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नगर के अस्तुपुरा में फैले डायरिया के प्रकोप में तीसरे दिन सुधार की स्थिति है। तीसरे दिन मरीजों की संख्या में महज एक की वृद्धि हुई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामूली रूप से पीड़ित 17 मरीजों को स्वास्थ्य टीम ने चिंहित कर उन्हें दवा एवं ओआरएस का घोल वितरित किया। नगरपालिका ने तीसरे दिन नाली की खुदाई में कुछ घरों में पेयजल के कनेक्शन में लिकेज का पता लगाया है। संभावना जताई जा रही है कि इसी लिकेज के जरिए नाली का गंदा पानी एक दूसरे के घरों में पहुंचा है।
अस्तुपुरा मोहल्ले में डायरिया के प्रकोप से 50 से अधिक लोगों के बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होने एवं मोहल्ले में 100 से अधिक लोगों के चपेट में आने को लेकर पूरे प्रशासनिक अमला में हड़कंप मच गया था। प्रशासन की मदद से मरीजों को 50 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल सहित प्राइवेट अस्पतालों में ले जाकर भर्ती कराया गया वहीं मामूली रूप से बीमार एवं डायरिया के चपेट में आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य टीम ने कैंप करके दवा आदि का वितरिण शुरू किया।
सफाईकर्मियों की टीम भी सफाई अभियान में लग गई वहीं जल निगम विभाग पाइपों में लिकेज आदि खोजने में पानी की आपूर्ति बंदकर करके लगा रहा। रविवार को मोहल्ले में करीब पांच ऐसे कनेक्शन को चिह्नित कर नाली में रंग डालकर उनके घरों में पानी की जांच कराई गई तो तीन घरों में रंग आता दिखाई दिया। जेई कमलेश पाण्डेय ने अपनी टीम के साथ इस नाली के अंदर से गुजरी पाइपों को तुरंत हटवाकर दूसरी पाइप लगवाई ।
ज्यादा संभावना जताई जा रही है कि इसी लिकेज के चलते पानी प्रदूषित होने के चलते डायरिया फैली है। जेई कमलेश पाण्डेय ने बताया कि नाली के नीचे से कनेक्शन ले जाने वालों को हिदायत दी गई है कि सभी लोग अपना पानी का कनेक्शन नाली के ऊपर करा लें। उधर स्वास्थ्य टीम में शामिल डा. मुजाहिद, डा. देवेंद्र ने बताया कि मोहल्ले में डायरिया के मरीजों में काफी सुधार है। रविवार को 25 मामूली रूप से डायरिया की शिकायत पाए जाने पर उन्हें ओआरएस का घोल, दवाएं आदि वितरित की गई। डायरिया में काफी सुधार है। पुराने मरीज भी ठीक हो रहे हैं। मोहल्ले के एक मरीज शब्बीर की बहू की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन कई मरीज ठीक होकर घर भी आए हैं।