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Mau News: बजट जारी होने के बाद भी जिला अस्पताल में सड़कों और नालियों का काम ठप

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जिला अस्पताल में इमरजेंसी के बगल में खुली नाली। संवाद
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जिला अस्पताल की बदहाल हो चुकी सड़कें और टूटी नालियां मरीजों व तीमारदारों का दर्द और बढ़ा रही हैं। उपचार से पहले लोगों को अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर की अधिकांश सड़कें और नालियां खराब हैं।
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निर्माण के लिए दो कार्ययोजनाएं स्वीकृत हैं, बावजूद इसके इसमें ढिलाई बरती जा रही है। जिला अस्पताल परिसर की मुख्य सड़क काफी समय से बदहाल अवस्था में है। सड़क में गड्ढे भी बन गए हैं। इससे स्ट्रेचर को लाने और ले जाने में दिक्कत होती है। मरीजों को उससे गिरने का भी डर रहता है।
जिला अस्पताल में मुख्य गेट से लेकर इमरजेंसी तक सीसी रोड निर्माण के लिए एक करोड़ तीन लाख रुपये, मुख्य गेट से ट्रामा सेंटर तक क्षतिग्रस्त सीसी रोड कार्य के लिए करीब 52.14 लाख रुपये, जिला अस्पताल के नवीनीकरण और मरम्मत के लिए 63.66 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
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ड्रेनेज की मरम्मत के लिए 21.72 लाख रुपये पास किए गए हैं। कुल मिलाकर तीन कामों के लिए शासन से दो करोड़ 40 लाख 66 हजार रुपये बीते जनवरी माह में ही आवंटित किए जा चुके हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर ट्रामा विंग की तरफ जाने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। खराब सड़क की हालत यह है कि मरीजों को यहां से तीमारदार स्ट्रेचर से भी नहीं ले जा पाते हैं।
इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले तीमारदारों ने बताया कि जिला अस्पताल की सभी सड़कें खराब हैं। सड़क के गड्ढे अक्सर मरीजों को दर्द देते हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। स्ट्रेचर को इस सड़क पर चलाना बहुत मुश्किल होता है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इमरजेंसी वार्ड से लेकर ओपीडी, चिल्ड्रेन वार्ड और आवास तक की सड़कें खराब हैं। नालियां टूटी हैं। ढक्कन न होने से अक्सर लोग उनमें गिर जाते हैं। जिला अस्पताल में ये अव्यवस्थाएं मरीजों पर भारी पड़ रही हैं।

शासन से बजट का आवंटन किया गया है। कार्यदायी संस्था का चयन भी शासन स्तर से ही होना है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा। आने वाले दिनों में बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। नाली की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम सही होने से काफी हद तक राहत मिलेगी।
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-डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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