मऊ। जिला अस्पताल परिसर में संचालित आयुष विंग में सीडीओ के निरीक्षण करने के 51 दिन बाद भी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। निरीक्षण के दौरान दवा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियाें को दिशा निर्देश जारी किया था। इसके चलते बिना दवा के ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। टीम ने सोमवार को अस्पताल का पड़ताल किया तो यूनानी और होमियोपैथिक विधा के चिकित्सकों का चैंबर खाली मिला। दवा की उपलब्धता न होने से अस्पताल में सन्नाटा रहा।
जिला अस्पताल परिसर में संचालित आयुष विंग में यूनानी, आयुर्वेद और होमियोपैथी विधि के तीन चिकित्सकों द्वारा कई साल से उपचार तो किया जा रहा है। लेकिन यहां दवाइयां न मिलने पर चिकित्सक एलोपैथ की दवाइयों का सुझाव देते हैं। इस समस्या को लेकर टीम ने तीन अप्रैल को आयुर्वेद, यूनानी पद्धति से इलाज, दवाएं लिख रहे हैं ऐलोपैथ की... शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसको लेकर सीडीओ प्रशांत नागर ने जिला अस्पताल के साथ आयुष विंग का निरीक्षण किया था। उन्होंने आयुष विंग में दवा की उपलब्धता न होने पर दवाइयां मुहैया कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया था।
टीम जब सोमवार को दोपहर बाद 12.40 बजे आयुष विंग में पहुंची तो यहां होमियोपैथ, यूनानी विधा के चिकित्सकों का चैंबर खाली मिला। आयुर्वेद विधा के चिकित्सक चैंबर में मौजूद मिले। बताया कि दवा की आपूर्ति नहीं हो सकी है। कहा कि वह आने वाले मरीजों को केवल परामर्श दे रहे हैं।