मऊ। दो सप्ताह पूर्व तक नगर के हर मार्ग जो अपने वास्तिवक आकार में दिख रहे थे, आज 60 फीट चौड़े सड़क मार्ग भी सिमट कर 30 फीट तक रह गए है। दरअसल संक्रमण की दूसरी लहर के रोकथाम को लेकर घोषित लॉकडाउन के एक जून से अनलाक होते ही नगर के मुख्य मार्ग, बाजार एक बार फिर अतिक्रमण की जद में आ गए है।
सड़क किनारे पटरियों पर जहां दुकानदारों का कब्जा है तो वहीं सड़क किनारे आड़े तिरछे वाहनों सुबह दस बजे से शाम तक खड़े रहते है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को 500 मीटर की दूरी तय करने में भी 20 से 30 मिनट का समय लग जाता है। दूसरी तरफ इस समस्या के जिम्मेदार नगर पालिका के अधिकारी जहां मौन साधे है तो पुलिस प्रशासन द्वारा मास्क न पहने पर चालान तो किया जा रहा है लेकिन इस समस्या को लेकर चुप्पी साधे है।
कोरेेना संक्रमण की दूसरी लहर के बंद बाजार एक जून से खुल चुके है।ऐसे में एक बार फिर से नगर के बालनिकेतन तिराहा से आजमगढ मोड़ तक आवाजाही करना वाहन चालकों के लिए चुनौती बनने लगी है। दरअसल सड़क किनारे पैदल चलने वाले राहगिरों के बने पटरियों पर अस्थाई अतिक्रमण वहीं सड़क के दोनों ओर दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों की आड़े तिरछे पार्किग से दिन भर जाम की समस्या बनती रहती है।चौकाने वाली बात है कि यह समस्या नगर पालिका करोड़ों की लागत से बालनिकेतन से आजमगढ़ मोड़ तक डिवाइडर बनाए जाने के बाद भी है।
यहीं स्थिति नगर के मिर्जाहादीपुरा, गाजीपुर तिराहा, भीटी चौराहा पर भी है। नगर के मुख्य मार्गो पर अस्थाई अतिक्रमण की समस्या को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। करीब दो माह खुले बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ने से यह समस्या ओर विकट होती दिख रही है। अतिक्रमण को हटाने के जिम्मेदार नगर पालिका को यह समस्या जहां दिख नहीं रही हैं, वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा कोविड-19 का उल्लघंन करने पर कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन अतिक्रमण को हटवाने को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है।
सड़क किनारे बने पटरियों पर अस्थाई अतिक्रमण की जानकारी प्रशासन को भी है। बीते वर्ष 24 नवंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में नगर पालिका द्वारा अभियान चलाया गया था। इस दौरान चार दुकानदारों पर नगर पालिका द्वारा गंदगी फैलाने पर जुर्माना भी वसूल करने की कार्रवाई भी की गई थी। साथ ही दुबारा अतिक्रमण पाने पर कार्रवाई करने को चेताया था। बावजूद कुछ दिनों बाद फिर स्थिति पुराने जैसी हो गई।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट जेएन सजान ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर अभियान नगर पालिका के साथ मिलकर चलाया जाता है। जल्द ही एक बार फिर अभियान चलाया जाएगा।