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12 सूत्रीय मांगों को लेकर 26 को हड़ताल करेंगे विभिन्न श्रम संगठनों के कर्मचारी

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मऊ। केंद्रीय राष्ट्रीय श्रम संगठनों सेंट्रल आफ इंडियन ट्रेड यूनियन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस सहित 10 केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर आगामी 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। यह जानकारी कामरेड शिवाकांत मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा श्रम कानूनों में परिवर्तन कर सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को निजीकरण करने का काम किया है। इसके चलते यह हड़ताल होगी, इसमें सीटू, एचएमएस, एटक, चीनी मिल्स संगठन, दवा प्रतिनिधियों के संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता मजदूर नेता कामरेड सूर्यदेव पांडेय ने किया।
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इस दौरान सेंट्रल आफ इंडिन ट्रेड यूनियन के प्रांतीय नेता कामरेड शिवाकांत मिश्रा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहाकि वर्तमान केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने कोरोना काल की महामारी के बीच मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर हमला कर श्रम कानूनों में परिवर्तन करने के साथ साथ पूंजीपतियों को इस कानून से तीन वर्ष तक छूट देने का अध्यादेश भी जारी कर चुकी है। विद्युत कानून में संशोधन कर बिजली क्षेत्र का निजीकरण का रास्ता साफ कर चुकी है। मंडी कानून में परिवर्तन कर किसानों पर हमला बोला जा रहा है। इन संशोधनों से देशी और विदेशी कारपोरेट जगत के पूंजीपतियों और सामंतों को ही फायदा होगा। जो देश हित में नही है, पूरे देश के अनेकों विभागों में कर्मचारियों की रिक्तियां ज्यों की त्यों पड़ी हुई है। बोले आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, मिड डे मिल, असंगठित क्षेत्र सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में अपना समर्थन देंगे। हड़ताल के दौरान प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 21000 हजार करने, पुरानी पेंशन बहाली करने, नियुक्तियों से रोक हटाने, कर्मचारियों के विरूद्ध किए गए संशोधनों को निरस्त कराने, ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने आदि मांगें शामिल हैं। बैठक में सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, पीयूष उपाध्याय, विनय तिवारी, सोनू,चंद्रप्रकाश, जयहिंद राजभर, इसराहुल हक, विक्रम राम, संजय कुमार, अशोक, जमानत अब्बास, नागेंद्र पांडेय, चंद्रजीत राजभर, जयराम चैरसिया, भागीरथी मौर्य, कैलाश चौहान, समशुल हक चौधरी,अभिषेक मिश्रा आदि ने अपने विचारों को व्यक्त किया।
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