मऊ। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज एंड इंजीनियर्स एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर अभियंताओं और बिजलीकर्मियों ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के निर्णय के विरोध में पूरे दिन अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपने विभागीय कार्यों को किया।
साथ ही अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल के कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।वक्ताओं ने कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल बिजली निगम, चंडीगढ़ की बिजली व्यवस्था के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि निजीकरण किसी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। निजीकरण का निर्णय वापस होने तक संघर्ष समिति अपने संघर्ष को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक ढ़ंग से जारी रखेगी। प्रदर्शन करने वालों में सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, पतिराम, सुशील दूबे, सतीश, अरूण, राजनाथ, माधुरी, लीलावती आदि शामिल रहे।