मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजली कर्मियों और जूनियर इंजीनियरों ने मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि के निजीकरण को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। मंगलवार से एक घंटे का ध्यानाकर्षण कार्यक्रम को एक घंटे से बढ़ाकर तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार कर दिया गया। जो चार अक्तूबर 2020 तक चलेगा। पांच अक्तूबर को पूरे दिन का कार्य बहिष्कार आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लाइन लास का गलत आंकड़ा भेज कर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को तीन भागों में बॉटकर निजीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जो अनुचित है। विद्युत विभाग एक लोक कल्याणकारी विभाग है। जिसमें गरीबों, किसानों, बुनकरों को कम दर पर विद्युत आपूर्ति की जाती है। किंतु निजी कंपनियां अपने फायदे के लिए ऊंचे दर पर विद्युत आपूर्ति करेगी। क्योंकि उनका एक मात्र उद्देश्य लाभ कमाना है। प्रदर्शन करने वालों में सूर्यदेव पांडेय, अमित गुप्ता, रविंद्र सिंह यादव, सुशील कुमार, विकास दूबे, राजकुमार यादव, देवेंद्र कुमार उपाध्याय, संजय यादव, भानुप्रताप, अरविंद व मनोज कुमार आदि शामिल रहे।