मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर चंडीगढ़ के बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में जिले के ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों और अभियंताओं ने नगर के सहादतपुरा हाइडिल कालोनी के प्रांगण में स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल बिजली निगम के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि निजीकरण किसी तरह से कर्मचारियों के हित में नही है। निजीकरण का निर्णय वापस होने तक संघर्ष समिति अपने संघर्ष को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक ढ़ंग जारी रखेगी।
प्रबंधन के निजीकरण के फैसले से हजारों कर्मचारियों को निजी घरानों के रहमों करम पर छोड़ दिया जाएगा। कहा कि निजीकरण से हजारों संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त होगी। प्रदर्शन करने वालों में सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, पतिराम, सुशील दूबे, सतीश, अरूण, ऋषि, मुलायम, माधुरी, प्रिया, मुकेश, शंकर राम आदि ने संबोधित किया।