मऊ। जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एल वन अस्पताल को चालू करने का प्रयास कर रही है। कोपागंज में निर्माणाधीन 100 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल को इसके लिए चिह्नित किया जा सकता है। यही वजह है कि डीएम और सीएमओ ने सोमवार को इस अस्पताल का निरीक्षण किया था और सात दिन के अंदर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा दूसरे विकल्पों पर मंथन जारी है।
जिले में सिर्फ 12 दिनों में तीन सौ से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। इसीक्रम में कई माह पूर्व खत्म हो चुके एल-1 अस्पताल को पुन: चालू करने की कवायद शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो होम आईसोलेशन तथा बीते सितंबर से मरीजों की संख्या कम होने के बाद एल-1 अस्पताल के रूप में चिह्नित बापू मेडिकल कॉलेज को करीब चार माह पूर्व ही बंद कर दिया गया था।100 बेड के एल-1 अस्पताल में कोरोना संक्रमण की पहली लहर में मिलने वाले संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा था। गंभीर स्थिति होने पर एल-2 अस्पताल परदहा में किया जा रहा था। अब बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए एल-1 अस्पताल को चालू कराने को लेकर विभाग गंभीर है। इसी को लेकर सोमवार को डीएम और सीएमओ ने कोपागंज में निर्माणाधीन 100 बेड अस्पताल का निरीक्षण कर कार्य सात दिन के अंदर पूरा कराने का निर्देश दिया था। संभावना है कि विभाग द्वारा इसको एल-1 के रूप में चिह्नित किया जा सकता है।
एल-2 अस्पताल में चल रहा हैं मरीजों का उपचार
मऊ। गंभीर संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए परदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एल-2 अस्पताल में परिवर्तित कर उसे संचालित किया जा रहा है। 40 बेड की क्षमता वाले एल-2 अस्पताल में चार वेंटिलेटर की व्यवस्था है। वर्तमान में इसमें 11 गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यहां इन मरीजों का उपचार के लिए 13 सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें चार चिकित्सक शामिल हैं। तीन अलग अलग शिफ्टों में इनके द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।