जिले में बिजली निगम के अधिकारियों पर शनिवार को हुई कार्रवाई कोई पहला मामला नहीं है।इससे पहले दो मामलों में बड़े अधिकारियों पर निलंबन का गाज गिर चुकी है। इसमें एक मामला ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से जुड़ा हुआ है, जहां मंत्री के एक कार्यक्रम में ही बिजली निगम के अधिकारियों की लापरवाही से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।
दरअसल मार्च 2025 में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का कार्यक्रम था। इसका प्रोटोकॉल भी जारी किया गया था। उधर, तय कार्यक्रम के तहत कैबिनेट मंत्री नगर के हनुमान घाट मोहल्ला हरिकेशपुरा टीसीआई मोड़ पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
इसी बीच ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, लेकिन जैसे ही अधिकारियों को अपनी इस लापरवाही का अंदाजा हुआ तो जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दिया गया। इस बड़ी लापरवाही को लेकर चंद घंटे के अंदर ही कार्यवाही प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा दी गई थी।इस घटना के चलते संबंधित उपखंड अधिकारी प्रकाश सिंह और अवर अभियंता ओपी कुशवाह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही अधिशासी अभियंता भुवन राज सिंह को आरोप पत्र जारी किया गया है। वहीं, अधीक्षण अभियंता संजीव वैश्य से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
….........
कार्रवाई: कार्य में लापरवाही पर मऊ एक्सईएन समेत छह अभियंता और एक टीजी-2 हुए थे निलंबित
मऊ।फरवरी 2024 में काम में लापरवाही पर मऊ और प्रयागराज के छह अभियंताओं और एक टीजी-2 पर कार्रवाई हुई थी। इनमें एक एक्सईएन भी शामिल थे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार ने द्वारा मऊ विद्युत वितरण खंड द्वितीय के उपखंड अधिकारी इं. सुशील कुमार और जहांगीराबाद उपकेंद्र के जेई विवेक कुमार खरवार को निलंबित कर दिया गया था।
आरोप है कि छह फरवरी 2024 को बारिश के दौरान मिर्जा हादीपुरा स्थित 630 केवीए के ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट आने के कारण फ्यूज उड़ गया था। लेकिन बाकी फीडर की सप्लाई चल रही थी। अभियंताओं ने साइट पर ही ट्रांसफॉर्मर को खुलवाकर ठीक कराना शुरू कर दिया, लेकिन फ्यूज उड़ गया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई थी।