घोसी। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की तरफ से नगर पंचायत में अनिवार्य रूप से डंपिंग ग्रांउड बनाने का आदेश है। नगर प्रशासन यहां जमीन भी चिह्नित नहीं कर सका है। नगर पंचायत के 18 वार्डों से प्रतिदिन 20 टन कूड़ा निकलता है। कचरा खुले में डंप कर दिया जाता है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है।
नगर पंचायत घोसी के 18 वार्डों में घरों से प्रतिदिन 20 टन कूड़ा निकलता है।कचरा खाली स्थानों पर डंप कर दिया जाता है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
गर पंचायत घोसी की तरफ से घोसी कोतवाली के पीछे, काजीपुरा,रतनपुर छावनी, सिनेमा हाल, डाक बंगला रोड, कस्बा रोड सहित विभिन्न स्थानों पर आबादी के बीच में घरों का कूड़ा कचरे को गिराने से आसपास के लोगों का दुर्गंध के चलते लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में डाॅ. आफताब अहमद, देवेंद्र कुमार राजन का कहना है कि नगर पंचायत घोसी कर्मचारी कभी कभार ही कचरा उठाने आते हैं और जहां पर भी जगह खाली पाते हैं वही गिरा देते हैं जिससे संक्रामक रोगों की फैलने की संभावना बढ़ गई है।
डाॅ. अख्तरुद्दीन अहमद, अरविंद पांडेय का कहना है कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। इस बाबत नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। मानक के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जबतक भूमि उपलब्ध नहीं हो जाता है। तब तक बड़ागांव के डडवापार में मशीन लगाई जा रही है। कूड़े कचरे का निस्तारण के साथ ही कंपोस्ट खाद भी तैयार होगी।