कलेक्ट्रेट पर विभिन्न मांगों को लेकर किसान नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन करते किसान।
सूखा राहत वितरण सहित विभिन्न आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों किसानों ने सरकार से लेकर जिला प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि प्रकृति तो उनके साथ बेरहमी कर ही रही है, सरकार और जिम्मेदार अधिकारी भी उनकी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं।
शुक्रवार को किसान नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए। किसान पिछले कई सीजन से पड़ रहे भीषण सूखे से बरबाद होने वाली फसलों के आई सूखा राहत राशि के वितरण में प्रशासन द्वारा उदासीनता बरतने का आरोप लगा रहे थे।
धरना दे रहें राकेश सिंह ने कहा कि सूखा राहत के लिए क्रमश: साढे़ चार करोड़, ढाई करोड़ रुपये पहले ही आ गए थे और 14 अप्रैल को 59.92 करोड़ रुपये आए हैं। कुल मिलाकर सूखा राहत के लिए 66. 92 करोड़ रुपये किसानों को वितरित करने के लिए रकम आ गई है। लेकिन जिला प्रशासन अब तक उस रकम को वितरित नहीं कर रहा है।
उन्होंने सूखा पीड़ित किसानों को जल्द राहत राशि वितरित करने की मांग किया। कहा कि इस रवि के सीजन में अप्रैल में ही भारी गर्मी पड़ने से गेहूं के दाने पतले हो गए हैं। लगभग 70 प्रतिशत उत्पादन कम हो गया है। गेहूं के कम उत्पादन के लिए भी किसानों को क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी से कराने की मांग किया। भीषण गर्मी के चलते जलस्तर काफी नीचे चले जाने से फ्री बोरिंग में दिए जाने वाली पाइप को कम सो कम डेढ़ सौ फुट करने की मांग किया।
कहा कि क्रय केंद्रों से इच्छुक किसानों का गेहूं खरीदा जाना सुनिश्चित किया जाय। कृषि उपकरणों पर दी जाने वली सब्सिडी किसानों को दी जाय। फीडिंग के नाम पर किसानों से की जाने वाली वसूली पर रोक लगाई जाए। खराब राजकीय नलकूपों को ठीक कराने और सभी नहरों में पानी छोड़ने की मांग की गई। मांग पत्र धरना स्थल पर आकर सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने लिया।
उन्होंने किसानों को सूखा राहत राशि वितरित किए जाने की जानकारी दी और कहा कि किसान अपने बैंक खातों की फोटो कापी, खतौनी की नकल और आईडी अपने क्षेत्र के लेखपाल को दें। भूख हड़ताल पर राकेश सिंह के साथ रणधीर सिंह , राणा प्रताप सिंह परमात्मा सिंह, हरिपाल सिंह , राजवंशी हड़ताल में शामिल रहे।