पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के जनवरी में ही निरीक्षण की सूचना के बाद रेल प्रशासन कमियों को दूर करने में जुटा है। शनिवार की सुबह स्पेशल सैलून से मंडल रेल डीआरएम एसके झा ने आदर्श रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआरएम ने जहां खुद दुर्घटना राहत यान एवं मेडिकल राहत यान का गहन निरीक्षण किया।
वहीं एडीआरएम इंफ्रा वीके श्रीवास्वत के नेतृत्व की टीम ने स्टेशन, वेटिंग रूम और सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया। इसके बाद खुरहट और मुहम्मदाबाद स्टेशन का भी निरीक्षण किया। जहां गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द कमियां दूर करने का निर्देश दिया। डीआरएम तीन घंटे तक निरीक्षण करने के बाद सैलून से शाहगंज को रवाना हुए।
शनिवार को सुबह 9 बजे वाराणसी से स्पेशल सैलून से डीआरएम मऊ रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां डीआरएम ने स्निरीक्षण के लिए दो टीम में बनाई। जहां मंडल रेल प्रबंधक और पीआरओ अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्लेटफार्म चार के आउटर पर खड़ी दुर्घटना राहत यान एवं मेडिकल राहत यान का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने दुर्घटना राहत यान के प्रमुख उपकरण हाइड्रोलिक क्रेन, वेल्ड कटर, हाइड्रोलिक पैनल की जानकारी ली। साथ ही दुर्घटना के समय प्रयोग में लाई जाने वाले सामान फास्टेड बॉक्स, वाटर प्रूफ व हिट प्रूफ जैकेट एवं स्ट्रेचर, जीवन रक्षक दवाएं, लाइफ सपोर्ट सिस्टम आदि उपकरणों की गहन जांच किया।
वहीं दूसरी टीम में अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) वीके श्रीवास्तव ने मऊ स्टेशन भवन, प्लेटफार्म, स्टालों, वाटर बूथ एवं प्लेटफार्मों पर स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों के निरीक्षण किया और संबंधित को साफ-सफाई एवं रख रखाव के संबंध में निर्देशित किया।
मंडल रेल प्रबंधक ने दुर्घटना राहत यान के पश्चात रेलवे कालोनियों, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग एवं साइकिल स्टैंड का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सुधार हेतु निर्देश दिए। इस अवसर पर स्टेशन अधीक्षक ददन राम, एके उपाध्याय, आरपीएफ प्रभारी डीके राय आदि मौजूद रहे।
बाथरूम में कांच गायब देखकर बिफरे एडीआरएम
मऊ। निरीक्षण के दौरान एडीआरएम विवेक श्रीवास्तव ने पार्किंग जोन बढ़ाने का निर्देश दिया। वहीं रिर्जेवेशन में दिव्यांग काउंटर पर बेल न लगने पर बेल लगाने और खराब मशीन को बदलने की बात कही। वहीं उच्च श्रेणी में महिला डारमेंट्री में बाथरूम में शीशा न होने पर फटकार लगाते हुए शीशा लगाने का निर्देश दिया। उधर डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान हाइड्रोकूलर मशीन से दुर्घटना राहत ट्रेन का खिंचवा कर मशीन का जायजा लिया।
सर्दी में छूटा कर्मियों को पसीना
मऊ। सुबह की हल्की सर्दी के बावजूद तीन घंटे तक दो टीमों के गहन निरीक्षण के भागमभाग में स्थानीय कर्मचारी पसीने से तरबतर दिखे। इस दौरान कई कर्मचारी फुसफुसाते मिले कि अभी डीआरएम साहब का निरीक्षण में यह हाल है तो अगले माह जीएम साहब के निरीक्षण में क्या स्थिति होगी