दोहरीघाट पुल पर सुरक्षा के लिए कोई जाली नही लगाई गई।संवाद
मऊ। नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता में बड़ा अंतर सामने आया है। नगर पालिका ने तमसा नदी में युवाओं के कूदने के वीडियो वायरल होने के बाद संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रविवार से ढेकुलिया पुल के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग लगाने का काम शुरू करा दिया है।
वहीं दोहरीघाट नगर पंचायत क्षेत्र में सरयू नदी पर बने पुल की सुरक्षा व्यवस्था अब भी सवालों के घेरे में है। सरयू पुल से पिछले एक साल में सात से अधिक लोगों के आत्महत्या के उद्देश्य से छलांग लगाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इनमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। घटनाओं को रोकने के लिए जनवरी 2025 में लोगों ने प्रदर्शन कर पुल पर सुरक्षा जाली लगाने की मांग उठाई थी। कहा था िक गोरखपुर स्थित राप्ती नदी के पुल पर भी पहले इस तरह की घटनाएं होती थीं, लेकिन पुल पर सुरक्षा जाली लगवाए जाने के बाद घटनाओं में काफी कमी आई है
नागरिकों की ओर से ज्ञापन देने के बाद भी न तो पुल की टूटी रेलिंग की मरम्मत कराई गई और न ही सुरक्षा जाली लगाई गई। दोहरीघाट नगर पंचायत के जिम्मेदार इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं होने का तर्क दे रहे हैं।
बताते चलें कि अमर उजाला ने 27 जुलाई को जिले में नदी और पोखरों के किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर पड़ताल करते हुए ‘नदी, पोखरों के किनारे बन गए घाट, न चेंजिंग रूम, न बैरिकेडिंग, न गोताखोर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने रविवार को नगर के ढेकुलिया पुल के दोनों ओर सुरक्षा जाली लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
दोहरीघाट पुल पर सुरक्षा के लिए कोई जाली नही लगाई गई।संवाद