इस्राइल और ईरान के बीच तनाव पर जिले में प्रवासियों की सलामती के लिए प्रार्थना का दौर शुरू हो गया है।
जिले के 700 से ज्यादा युवा रोजगार के लिए इस्राइल गए हैं। दोनों देशों में तनाव से प्रवासियों के परिवार वाले चिंतित है। वे प्रवासियों से वीडियो कॉल कर हालचाल पूछ रहे हैं।
इस्राइल में रहे प्रवासियों ने संवाददाता से अनुभव साक्षा किया। कहा कि हम सभी इस्राइल एक दूसरे का हौसला बनकर रहे हैं मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा के गुप्तेश्वर पांडेय ने फोन पर संवाददाता से बताया कि वे कई साथियों के साथ 11 माह पूर्व इस्राइल आए थे। तेल अवीव शहर में रहते हैं। बताया कि खतरा जिस क्षेत्र में बढ़ता है, वहां सायरन बजता है। फोन पर भी सरकार का अलर्ट जारी होता है। 10 से 12 किमी दूर मिसाइलें गिर रही हैं। अलर्ट पर बंकरों में वे छिप जाते हैं। कहा इस्राइल के हालात के बारे में महिलाओं को कुछ नहीं बताते है। वीडियो कॉल अपने परिवार को अपनी कुशलता की जानकारी देते रहते हैं।
बताया कि परिजनों को घबराना नहीं चाहिए। यहां हाईटेक सुविधा होने के चलते खतरा होने से पहले हमारे मोबाइल पर एक एप होम फ्रंट कमांड एप्लीकेशन पर किसी मिसाइल, ड्रोन को डिटेक्ट करने के बाद सूचना आ जाती है। जिसके बाद सभी घरों के नीचे बने बंकरों पर चले जाते है। बताया कि रात के समय ज्यादा हमले हो रहे हैं, लेकिन इस्राइल की डिफेंस सिस्टम से कोई बड़ा नुकसान नही हो रहा है।
जिले के रतनपुरा निवासी अजय विश्वकर्मा ने बताया कि गुप्तेश्वर पांडेय के साथ उसके अपार्टमेंट में आंबेडकर नगर निवासी प्रेमचंद्र चौहान, फतेहपुर निवासी कुंवरकेश यादव, गोरखपुर निवासी सुरेश चौहान, सीतापुर निवासी टिंकू चौहान, नरेश, सीतापुर के ही सतेंद्र, बक्सर के प्रमोद सहित बीस साथियों के साथ रहते है। हम सभी हमले के समय एक दूसरे को हौसला बढ़ाते है। हम सभी साथी एक दूसरे के परिजनों से बातचीत कर उन्हें हाैसला देते हैं।