घाघरा का जलस्तर घटने के बाद भी कटान जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मुक्तिधाम तथा खाकी बाबा की कुटी के पास कटान जारी रहने से दोहरीघाट कस्बा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। बावजूद कटान रोकने के उपाय तक नहीं किया जा सका है।
नदी के जलस्तर में घटाव दर्ज होने के बाद प्रशासन जहां राहत की सांस ले रहा है। वहीं कटान तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद ही उड़ गई है। नदी के घटने बढने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो नदी का जलस्तर 69.64 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर 69.73 मीटर था। गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है।
नदी घाघरा खतरे के निशान से 26 सेमी नीचे बह रही है। कटान जारी रहने से मुक्तिधाम का शवदाह गृह नदी में विलीन होने के बाद नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला पर संकट के बादल मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर में कटान तेज है।