मऊ। जिले में अंबेडकर विद्यालय में भर्ती की चल रही जांच प्रक्रिया में शुक्रवार को गठित टीम ने शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच किया। इस दौरान जिले में मौजूद कुल 56 स्कूलों में से 12 स्कूलों में तैनात 125 शिक्षको के दस्तावेजों की टीम ने जांच किया।
बताते चले वर्ष 1951 में भारत सरकार से जारी किए गए आदेश के क्रम में उन स्कूलों को आंबेडकर स्कूलों को मान्यता देकर समाज कल्याण विभाग से अनुदानित किया गया, जिनमें अनुसूचित जाति के छात्रों की संख्या पचास फीसदी से अधिक थी। लेकिन अनुदान मिलने पर स्कूलों के प्रबंधकों ने खेल कर विद्यालयों में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियां की। इस मामले की जानकारी मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदुुु ने आंबेडकर स्कूलों में हुई तैनाती की फाइलों को जप्त कर उसकी जांच कराने का आदेश किया।
इस क्रम में हुई जांच में सब कुछ ठीक हो गया था। लेकिन बाद में शासन ने पुन: शिक्षकों के अंक पत्रो के साथ प्रमाण पत्रों की जांच कराने का आदेश दिया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी रामसिंह वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। टीम ने आंबेडकर विद्यालयों के शिक्षकों को नोटिस जारी किया। इसके तहत शुक्रवार को विकास भवन में मौजूद समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में बकायदे शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की गई। सीडीओ ने बताया कि शुक्रवार को 56 में से 12 स्कूलों के 125 शिक्षकों के दस्तावेजों को संकलित किया गया है। जांच आगे भी जारी रहेंगी।