रतनपुरा ब्लाक के विभिन्न गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। सफाईकर्मियों के रोजाना न आने सफाई कार्य नहीं हो पा रहा। ऐसे में संपर्क मार्गों पर जलजमाव से बुरा हाल है। कूड़ा कचरा फैला है। मच्छरजनित बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे। ऐसे में शिकायत पर अधिकारी सफाईकर्मियों को ब्लाक स्तरीय ओडीएफ ओलंपिक में ड्यूटी लगाया जाना बता रहे। जबकि विकल्प में सफाई की व्यवस्था नहीं कर रहे।
रतनपुरा ब्लाक में 77 गांवों में 218 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांवों में तैनात सफाईकर्मियों की अनियमित दिनचर्या के चलते सफाई व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। जबकि सफाईकर्मी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर माह वेतन उठा रहे हैं। क्षेत्र के मुस्तफाबाद, मढैली, सेहबरपुर, पीपरसाथ, रतनपुरा, मेऊड़ीकला, बिलौझा, बड़ागांव, अइलख सहित विभिन्न गांवों में तैनात सफाईकर्मियों को अन्यत्र संबद्ध कर दिया गया है।
सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। मच्छरजनित बीमारियों से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं। गांव के रामप्रकाश, बबन विनोद कुमार, राजेंद्र कुमार, श्याम नारायण सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं किया जा सका है। एडीओ पंचायत श्रीकांत मिश्रा का कहना है कि ओडीएफ ओलंपिक खेलों में सफाईकर्मियों की ड्यूूटी लगने के चलते समस्या उत्पन्न हुई है। शीघ्र ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी।