कार्यालय पर बिना नीली बत्ती लगी अपनी सरकारी गाड़ी से पहुंचे डीएम
वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए एतिहासिक कदम का वैसे तो सभी ने स्वागत किया, लेकिन गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और सांसद के वाहनों पर लाल बत्ती सुशोभित थी। वहीं जिलाधिकारी ने केंद्र सरकार के निर्णय लिए जाने के साथ ही गुरुवार की सुबह अपने वाहन से नीली बत्ती को हटवा लिए।
घोसी लोक सभा के भाजपा सांसद हरिनाराण राजभर का वाहन गुरुवार को शहर में नजर नहीं आया, लेकिन उनके करीबियों से पता चला कि वाहन पर लाल बत्ती लगी है। हालांकि बुधवार को सांसद का वाहन लालबत्ती के संग हुटर बजाते हुए शहर में घुमा। इसी प्रकार से जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव का वाहन भी उनके आवास पर लाल बत्ती लगाकर खड़ा रहा। जबकि समाचार पत्रों में खबर पढ़ने के बाद जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ला ने अपने वाहन से नीली बत्ती को हटावा दिया। बात करने पर डीएम ने बताया कि केंद्रीय व्हैकिल एक्ट की उस धारा, जिसके तहत वाहनों पर बत्ती लगाने का अधिकार प्राप्त होता है, सरकार ने समाप्त कर दिया है।
ऐसे में उसी धारा से हम भी गर्वरन होते है। अब सरकार के आदेश को क्या एक मई से अनुपालन करना। इस लिए आज से ही हटा दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि एक मई के बाद से शासन से प्राप्त गाइड लाइन पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। जबकि अन्य दोनों वीआईपी (सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष) ने बताया कि सरकार के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। बोले सरकार का जैसा आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। एक मई के बाद वाहनों से बत्ती हटा ली जाएगी।