मऊ। बिना जानकारी के रेलवे आइसोलेशन वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखे जाने की जानकारी होन पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एससी सिंह को फटकार लगाई। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा। बोले जब मरीजों को रखने की व्यवस्था मौजूद है तो फिर उन्हें क्यों रेलवे आईसोलेशन कोच में रखा गया। डीएम के हस्तक्षेप पर सीएमओ ने रातो रात कोच में रखे गए सभी 27 पॉजिटिव मरीजों को तत्काल कोपागंज स्थित बाबू आयुर्वेदिक अस्पताल में शिफ्ट कराया।
बताते चले जिले में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए परदहां ब्लाक मुख्यालय पर मौजूद सीएचसी को एल-1 कोविड अस्पताल घोषित किया गया था। सोमवार को जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 77 थी, इसके चलते चालीस बेड का कोविड अस्पताल भर गया। इस पर सीएमओ ने जिलाधिकारी को सूचना दिए बिना ही 37 मरीजों को रेलवे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। देर रात जिलाधिकारी को इस बात की जानकारी हुई। इस पर डीएम ने सीएमओ से पूछताछ किया। साथ ही सूचना सही मिलने पर उन्हे जमकर फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने बताया कि सीएमओ से जबाब तलब किया गया है। साथ ही जारी वीडियों में फैली गंदगी की जांच कराने के लिए कमेटी गठित की गई है। सीएमओ ने बताया कि रात में सभी मरीजों को रेलवे आइसोलेशन वार्ड से निकालकर उन्हें बाबू आयुर्वेदिक कालेज कोपागंज में शिफ्ट कराया गया।