मुहम्मदाबाद गोहना। दीपावली के बाद दो दिन तक चले लक्ष्मी पूजन महोत्सव का समापन बुधवार को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया। बुधवार को देर शाम खैराबाद कस्बा से होकर गुजरने वाली एक दर्जन प्रतिमाओं को अतरारी गांव स्थित धौरहरा घाट पर विसर्जित किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैकड़ों पुलिसकर्मी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, कोतवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। हालांकि मुहम्मदाबादगोहना कस्बा की प्रतिमाओं का विसर्जन देर शाम तक शुरू नही हो सका था। कस्बा की मूर्तियों का विसर्जन आधी रात बाद ही हो सकेगा। कस्बा के ऐतिहासिक लक्ष्मी पूजा का समापन बुधवार को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। दो दिन तक चलने वाले पूजन दर्शन कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों ने देवी के विभिन्न स्वरूपों का दर्शन किया।
बता दें कि तहसील क्षेत्र में रखी जाने वाली देवी प्रतिमाओं का विसर्जन दो चरण में किया जाता है। खैराबाद गांव से होकर गुजरने वाली एक दर्जन मूर्तियों का विसर्जन अतरारी स्थित धौरहरा घाट जबकि कस्बा की तीन दर्जन से अधिक मूर्तियों का विसर्जन तमसा नदी पुल और रामघाट पर किया जाता है। खैराबाद गांव से विसर्जन के लिए जाने वाली मूर्तियों की सुरक्षा के लिए पुलिस उपाधीक्षक, कोतवाल के साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। यहां की प्रतिमाओं का देर शाम विसर्जन कर दिया गया, जबकि मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा की प्रतिमाओं का शाम 6 बजे तक विसर्जन शुरू नहीं हो सका था।