मऊ। गर्मी में जनपद वासियों को बिना बाधा के बिजली देने के लिए विद्युत निगम ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार बदलने की कवायद चल रही है। इसके तहत वर्कशॉप में 300 अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर स्टॉक में रिजर्व रखे गए हैं। जबकि 300 ट्रांसफार्मर असेंबल की स्थिति में है। निगम के पास प्रतिदिन दो से तीन जले हुए ट्रांसफार्मर आ रहे हैं। जबकि वर्कशॉप में गत वर्ष दो माह में ही 450 जले ट्रांसफार्मर आए थे।
नगर क्षेत्र में 70 हजार सहित जिले में लगभग तीन लाख 96 हजार 981 विद्युत उपभोक्ता हैं। गर्मी में जनपद वासियों को भरपूर विद्युत आपूर्ति करने के लिए निगम ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए रिवैंप योजना के तहत ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार बदलने का काम चल रहा है। इसके चलते ट्रांसफार्मरों के जलने की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही है।
गत वर्ष ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के फुंकने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था। वर्कशॉप में आए जले ट्रांसफार्मरों के आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो मार्च 2023 में 200 ट्रांसफार्मर, अप्रैल में 250 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए आए थे। लेकिन इस वर्ष मार्च 2024 में 97, अप्रैल में सात जले ट्रांसफार्मर आए। प्रतिदिन एक से दो जले ट्रांसफार्मर आ रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाए जाने तथा जर्जर तारों के बदलने, विद्युत उपकेंद्रों में आधुनिक मशीनों के लगाए जाने के चलते ट्रांसफार्मरों के जलने में कमी आई है। बिजली निगम की ओर से वर्कशॉप में 10केवीए के 40, 16 केवीए के 02, 25केवीए के 150, 63केवीए के 45, 100केवीए के 22, 160केवीए के चार, 250केवीए के सात, 400 केवीए के 12, 670केवीए के दो सहित 300 अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर स्टॉक में रिजर्व रखे गए हैं। जबकि 300 ट्रांसफार्मर असेंबल की स्थिति में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्कशाप में रिजर्व ट्रांसफार्मर रखे जाने से जले ट्रांसफार्मर की जगह आपूर्ति में समस्या नहीं आएगी।