रोवर तकनीक से की जा रही भूमि की पैमाइश।संवाद
जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास की भूमि की पैमाइश का निरीक्षण किया। यह पैमाइश जीएनएसएस-आरटीके आधारित डिजिटल सर्वेक्षण तकनीक (रोवर तकनीक) से की जा रही है। इसका उद्देश्य भूमि सीमांकन में पारदर्शिता और सटीकता लाना है।
पैमाइश के दौरान जीएनएसएस रोवर उपकरण का उपयोग किया गया। इस तकनीक से भूमि के विभिन्न बिंदुओं का सटीक डिजिटल लोकेशन डेटा प्राप्त किया गया। जीएनएसएस-आरटीके तकनीक उपग्रह आधारित सिग्नल और रियल-टाइम करेक्शन के माध्यम से भूमि की सीमाओं का सटीक निर्धारण करती है।
जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से पैमाइश की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि पैमाइश में आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग किया जाए। इससे भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में तेजी आएगी। प्रत्येक बिंदु का डिजिटल रिकॉर्ड भविष्य में सत्यापन में सहायक होगा।
इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार और उपजिलाधिकारी सदर कुंवर सचिन सिंह उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने को कहा।
उन्होंने प्राप्त आंकड़ों का सुरक्षित और व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। तकनीक आधारित पैमाइश से भूमि संबंधी कार्यों में अधिक पारदर्शिता आएगी।