मऊ। खरीफ सीजन में किसानों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए कृषि विभाग की टीम ने जिले के सभी तहसीलों में उर्वरक के थोक तथा फुटकर विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी किया। जिलास्तरीय टीम ने 33 दुकानों पर छापा मारकर 13 नमूने लिए। टीम ने तीन दुुुकानों को निलंबित किया। तीन उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी। संग्रहित नमूनों को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में उर्वरक के 11 थोक विक्रेता तथा 400 से अधिक खुदरा विक्रेता हैं। कई उर्वरक की दुकानों से गुणवत्ता परक उर्वरक न मिलने की शिकायत पर जिला प्रशासन की तरफ से सभी तहसीलों पर एक साथ अभियान चलाया गया।
मुहम्मदाबादगोहना तहसील में भूमि संरक्षण अधिकारी तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम ने 15 दुकानों पर छापा मारा। कुल दो नमूने लिए।घोसी तहसील में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार तथा सहायक निदेशक मत्स्य के नेतृत्व में टीम ने सात दुकानों पर छापा मारा। कुल दो नमूने लिए। टीम ने बोझी, गोठा तथा बुढावर की तीन दुकानों को निलंबित किया। तीन उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी।
सदर तहसील में उप निदेशक कृषि एसपी श्रीवास्तव तथा जिला गन्ना अधिकारी के नेतृत्व में 15 दुकानों छापा मारा गया। पांच नमूना लिया गया। अनियमितता मिलने पर उर्वरक विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी। मधुबन तहसील में जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार तथा अपर जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में छापा मारा। छह दुकानों पर छापेमारी में तीन नमूना लिया। जांच से दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि संग्रहित नमूनों को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।