कोपागंज ब्लाक के चमनरोड स्थित कब्रिस्तान में कब्र खोदने को लेकर शिया-सुन्नी में हुए विवाद के बाद
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कोपागंज। आजमगढ़ जिले के अतरौलिया के पास सड़क हादसे में मारे गए कस्बा निवासी शिया समुदाय के मदरसा छात्रों सहित तीन युवकों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान में कब्र खोदने को लेकर मंगलवार को विवाद हो गया। सुन्नी समुदाय के लोगों ने कब्र खोदने वालों को भगा दिया। बाद में पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने समझा बुझा कर मामला शांत कराया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद कब्रों की खुदाई शुरू हुई।
मोहल्ला फुलेलपुरा निवासी शिया वर्ग के तीन युवक लखनऊ स्थित मदरसा तंजीमुल मक़ासिव के हास्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। मदरसा प्रबंधक के कहने पर युवकों के घर वाले सोमवार की शाम 7 बजे कार से लखनऊ के लिए निकले। वापसी में आजमगढ़ के अतरौलिया के पास सड़क हादसे में जमीर हसन 30, अली मोहम्मद 21 और मोहम्मद जान 22 की मौत हो गई। अहमद रजा 18 और कार चालक कमरुज्जमा 23 गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों को दफ़नाने के लिए परिजन मंगलवार की दोपहर चमन रोड स्थित कब्रिस्तान में कब्र की खुदाई करवा रहे थे, तभी दूसरे समुदाय के लोगो ने अपना कब्रिस्तान होने की बात कहते हुए कब्र की खुदाई रोकवा दी।
सूचना पर क्षेत्राधिकारी घोसी अभिनव कन्नौजिया और थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, सीआरओ हंसराज और एसडीएम सदर अुतल वत्स मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने विरोध कर रहे लोगों को समझाया बुझाया। जिस पर कुछ दूरी पर कब्र खोदे जाने पर रजामंदी हुई। ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद कब्रों की खुदाई शुरू हुई।