मऊ। सरकार की तरफ से किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए की जा रही तमाम कवायद क्रय एजेंसियों की उदासीनता के चलते सफल होती नजर नहीं आ रही है। गेहूं खरीद शुरू होने के 33 दिन बाद तक लक्ष्य का 28.29 प्रतिशत ही खरीद की जा सकी है। क्रय एजेंसी की उदासीनता के चलते कहीं बोरा का अभाव तो कहीं गोदाम से उठान नहीं होने से खरीद धीमी चल रही है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा ने लापरवाह क्रय केंद्र प्रभारियों जिला पीसीएफ प्रबंधक को नोटिस जारी किया है।
किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पीसीएफ, विपणन, एफसीआई सहित तीन एजेंसियों को खरीद करने की जिम्मेदारी दी गई है। खरीद का लक्ष्य 53 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। पीसीएफ से संबद्ध 35 क्रय केंद्रों पर कहीं बोरा न होने तथा कहीं गोदाम से उठान न होने खरीद जैसे तैसे चल रही है। विभाग की तरफ से अब तक तीन हजार किसानों से 14995.5 एमटी ही खरीद की जा सकी है। क्रय एजेंसियों के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से जहां किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।
वहीं आढ़तियों की चांदी कट रही है। किसानों की शिकायत पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने पीसीएफ के क्रय केंद्रों की जांच किया था। जांच में पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर कमियां मिली। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों सहित जिला पीसीएफ प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा ने बताया कि गेहूं खरीद में लापरवाही मिलने पर क्रय केंद्र प्रभारियों सहित जिला पीसीएफ प्रबंधक को नोटिस जारी किया है।