अनुशासित माने जानी वाली पार्टी बसपा में भी पार्टी प्रत्याशी को लेकर विरोध के स्वर फूट पड़े। मंगलवार को मुहम्मदाबाद गोहना विधान सभा क्षेत्र के घोषित प्रत्याशी को बदलने को लेकर पार्टी में बगावत शुरू हो गई। बसपा प्रत्याशी राजेंद्र कुमार को बाहरी बताते हुए बहुजन समाज पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बैठक कर किसी स्थानीय बसपा कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाने की मांग की है। उधर बसपा विधान सभा संगठन के पदाधिकारियों ने राजेंद्र कुमार में पूरी आस्था व्यक्त करते हुए विरोध करने वालों को पार्टी से निकालने की बात किया। बोले विरोध करने वाले विरोधी पार्टियों के हाथ की कठपुतली बन गए हैं।
मुहम्मदाबाद गोहना विधान सभा क्षेत्र में बसपा में अंसतोष का स्वर फूटने के साथ ही क्षेत्र के पूर्व बसपा विधायक व मौजूदा घोषित प्रत्याशी को दलित विरोधी बताते हुए उनकी जगह किसी और को प्रत्याशी बनाने को लेकर बसपा से निष्कासित पूर्व विधान सभा उपाध्यक्ष बैजनाथ राव के नेतृत्व में बैठक कर किसी स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाने की मांग किया है। इतना ही नहीं असंतुष्ट गुट के लोगों ने विधान सभा क्षेत्र में प्रत्याशी राजेंद्र कुमार के खिलाफ पोस्टर लगाकर बसपा में बगावत का सुर बुलंद किया है। अंसतुष्ट गुट के बैजनाथ राव का कहना है कि जोनल कोर्डिनेटर दिनेश चन्द्रा ने उपरी संगठन को गुमराह कर राजेन्द्र कुमार को प्रत्याशी बनवाया है।
बैठक में प्रमुख रूप से अमीन कुरैशी, प्रभुनाथ राव, डा. किशोरी लाल, पूर्व प्रधान मन्देव राम, सुभाष, आलोक आदि रहे। दूसरी तरफ बसपा के स्थानीय संगठन ने मंगलवार को कोलौरा स्थित एक महाविद्यालय परिसर में बैठक कर बसपा प्रत्याशी के साथ पूरी तरह से खड़ा रहने का ऐलान किया है। बसपा विधान सभा अध्यक्ष लल्लन प्रसाद ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो बहन मायावती द्वारा मुहम्मदाबाद गोहना में राजेन्द्र कुमार को प्रत्याशी बनाने पर बधाई देते हुए विधान सभा का पूरा संगठन पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़ा है।
कहा कि विरोधी गुट में अंगुली पर गिने जाने वाले दो तीन लोग हैं जिन्हें पार्टी से पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। श्री प्रसाद ने कहा कि बैठक में मौजूद बूथ व सेक्टर स्तर के सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से पार्टी प्रत्याशी राजेन्द्र कुमार की जीत के लिए जी जान से लगे रहने का संकल्प लिया है। बैठक में आफताब आलम, डा. सोचन. ओमप्रकाश राम,छेदी प्रसाद, दयानंद सिंह, लक्षिराम, फूलचंद राम,सोफियान खान प्रधान, छोटू राम प्रधान आदि समेत सैकडों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।