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तीन नए चेंबर में मरीजों की होगी डायलिसिस, प्रतिदिन 60 रोगियों को मिलेगा नि:शुल्क लाभ

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जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में बने गए चेंबर।संवाद
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जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में तीन नए चेंबर में मरीजों की डायलिसिस की जाएगी। यूनिट में हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, थैलेसिमिया और अन्य गुर्दा रोगियों की डायलिसिस होगी। यूनिट में तीन चेंबर का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है।
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वहीं दूसरी तरफ यूनिट में बेड की संख्या भी बढ़ाकर 20 कर दी गई है। पहले जहां एक दिन में रोजाना 30 मरीजों की डायलिसिस होती थी, अब यहां रोजाना 60 मरीजों की डायलिसिस होगी।
डायलिसिस यूनिट में अभी 325 वेटिंग चल रही है। नि:शुल्क डायलिसिस होने से यहां कई जिलों के मरीज आते हैं। बाहर मरीजों को करीब पांच हजार रुपये देने पड़ते हैं।
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शासन से दस नए बेड मिल गए हैं। आने वाले एक सप्ताह में सभी बेड का इंस्टॉलेशन कर दिया जाएगा। जिला अस्पताल में सितंबर 2021 में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई थी। उस समय यूनिट में मात्र छह बेड थे। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद साल 2024 में चार नए बेड लगाए गए।
जनपद सहित आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया और देवरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद से अस्पताल प्रशासन की तरफ से और अधिक बेड बढ़ाने की मांग की गई। आलम यह हो गया कि मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
बीते एक साल से मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पांच बार पत्राचार किया था। अब शासन से यूनिट को दस नए बेड दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब रोजाना यूनिट में 60 मरीजों को लाभ मिलेगा।
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सुबह सात से रात दस बजे तक खुली रहती है डायलिसिस यूनिट
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के बगल में स्थित डायलिसिस यूनिट का संचालन सुबह सात बजे से लेकर रात दस बजे तक किया जाता है। यह डे-केयर यूनिट है। 24 घंटे में करीब 15 घंटे यूनिट खुली रहती है। एक बेड पर रोजाना तीन मरीजों की डायलिसिस होती है और एक मरीज की डायलिसिस होने में करीब तीन घंटे लगते हैं। दूसरी शिफ्ट को चालू करने के लिए मशीन की साफ-सफाई में करीब आधा घंटा लगता है। डायलिसिस यूनिट में अभी एक मैनेजर और 11 अन्य मेडिकल स्टाफ की तैनाती है। इसमें एक मैनेजर, आठ मेडिकल स्टाफ, दो सफाईकर्मी और एक नर्स तैनात हैं।
कोट-
डायलिसिस यूनिट में तीन चेंबर का काम लगभग पूरा हो गया है। दस और नए बेड भी आ गए हैं, जल्द ही बेड को लगा दिया जाएगा। इससे मरीजों को लंबी वेटिंग से निजात मिलेगी। -डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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दस नए बेड आने के बाद इंस्टॉलेशन के लिए पत्र लिखा गया है। इंजीनियर आते ही एक सप्ताह में पूरी मशीन लगा दी जाएगी। जिन जगहों पर बेड लगाए जाने हैं, वह जगह तैयार कर ली गई है।
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वशिष्ठ कुमार, मैनेजर डायलिसिस यूनिट
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