मधुबन तहसील क्षेत्र के उंदुरा स्थित दो सूफी संतों के मजार पर 8 और 9 अप्रैल को सालाना उर्स मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और दूर-दराज से जायरीन पहुंचने लगे हैं।
मंगलवार को मजार परिसर की साफ-सफाई और सजावट का कार्य तेजी से चलता रहा। बाहर से आए जायरीन अपने ठहरने के लिए टेंट लगाने में जुटे रहे। 8 अप्रैल को जायरीनों का बटोर होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
हजरत शाह मुहम्मद मोईनुद्दीन का 78वां और हजरत शाह मुहम्मद मुख्तार अहमद साहब का 40वां उर्स है, जिसमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और गुजरात समेत कई राज्यों से जायरीन आते हैं।
मजार कमेटी के अध्यक्ष शाह गुलाम मुहम्मद नूरानी ने बताया कि 8 अप्रैल को रात 11:30 बजे से गुस्ल मजार शरीफ (संदल) की रस्म अदा की जाएगी और रात एक बजे से नातिया कव्वाली का आयोजन होगा।
9 अप्रैल को सुबह 8 बजे कुरआनख्वानी, 10 बजे मिलाद शरीफ, दोपहर एक बजे महफिल-ए-शमा (कव्वाली) और शाम 5 बजे चादर का जुलूस निकलेगा। शाम 6:30 बजे तक चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी। रात 11:30 बजे फिर से नातिया कव्वाली होगी।
आयोजकों ने बताया कि लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह मजार हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है, जहां सभी धर्मों के लोग आस्था के साथ पहुंचते हैं।
उर्स को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने स्थल का निरीक्षण किया। आयोजन को सफल बनाने के लिए शाह मुहम्मद इकबाल, शाह मुहम्मद अहमद, कमलेश प्रधान, राकेश सिंह, वीरेंद्र यादव, शाह मुहम्मद शाहिद, रामप्रीत यादव आदि लगे रहे।