दोहरघाट स्थित सरयू नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करते श्रद्घालु।
प्रमुख स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सोमवार को जिले से होकर गुजरने वाली घाघरा और तमसा के तटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गोता लगाया। साथ ही घाटों पर स्थित मंदिरों में परंपरागत रूप से पूजा-अर्चन करने के साथ-साथ गरीबों को दान भी दिए। इस बीच विभिन्न घाटों और पोखरों पर हर साल की तरह इस बार भी मेले का आयोजन हुआ। जिसमें भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर नगर के उत्तरी छोर से होकर गुजरने वाली तमसा नदी के तट पर स्थित नागा बाबा की कुटी पर इस बार भी मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोग भी शामिल हुए और वहां लगी दुकानों पर खरीदारी कर मेले का लुत्फ उठाया। हलधरपुर संवाददाता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के तमसा तट के ठैंचा गोदाम घाट पर नगवा, बीबीपुर, गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, धर्मागतपुर, गुलौरी, जोगापुर, दतौड़ा, खोहिया सहित विभिन्न गांवों से भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
साथ ही मंदिरों में पूजन-अर्चन कर गरीबों को दान किया। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर उत्तरायणी सरयू नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ आधी रात से ही घाटों पर उमड़ी रही। नगर के रामघाट, मुक्तिधाम घाट, पुराना घाट पूरी तरह से पटा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने भोर होते ही स्नान किया। जैसे-जैसे सूर्य की लालिमा बढ़ती गई स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती रही। स्नान करने के बाद लोग गौ दान, मंदिरों में पूजन, कढ़ाई चढाई। सभी मंदिरों में भोर से ही पूजा आरती होने लगी थी। घंटों की गूंज और आरती से पूरा नगर गूंजता रहा। घाटों पर महिलाओं के लिए स्नान के बाद कपड़े बदलने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी। माता सरयू को पूड़ी हलवा तथा लोग अपनी मन्नत पूरी होने पर सेहरा भी चढ़ाया।