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ताल रतोय के पास के गांवों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग

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मधुबन। तहसील क्षेत्र के ताल रतोय में सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा के बढ़ते जलस्तर के चलते हाहा नाला का रेगुलेटर बंद होने के कारण जलमग्न हो गई है। जिसके चलते ताल रतोई के आसपास के गांव को बाढ़ग्रस्त घोषित करने को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राष्ट्र कुवंर सिंह तथा पूर्व विधायक अमरेश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा।
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इस अवसर पर राष्ट्रकुवंर सिंह ने कहा कि अहिरूपुर, परसिया जयरामगिरि, गजियापुर, नेवादा गोपालपुर, मुड़ाडार, मनियार, बैरियाडीह, भवरूपुर, देवसीपुर, रमऊपुर, ककराडीह सहित एक दर्जन गांव में सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसलें जलमग्न हैं। लोगों का आवागमन बाधित है। लेकिन इन गांव के तरफ शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के प्रभारी मंत्री आते हैं तथा बाढ़ पीड़ितों का जायजा लेते हैं तथा चले जाते हैं। लेकिन इन गांव के किसानों को कोई पूछने वाला नहीं है। पूर्व विधायक अमरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि परसिया जयरामगिरि से मधुबन तक सड़क खस्ताहाल है। जिसके निर्माण के साथ ही गजियापुर रिंग बांध को बोल्डर पिंचिग कर बंधे का उच्चीकरण करते हुए यहां के लोगों का सुरक्षा किया जाए। साथ ही किसानों के फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। बिंदटोलिया गांव में हो रहे कटान को रोकने के लिए उचित प्रबंध किया जाए। बाढ़पीड़ितों को पर्याप्त नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए। इस मौके पर योगेंद्र सिंह, सतीश पांडेय, प्रदुम्न यादव, मुन्ना मिश्र, जगदीश पांडेय, मृत्युंजय शुक्ल, मुहम्मद साकिर, हेमंत यादव, संत विजय सिंह, राम सिंह आदि रहे।
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