सरायलखंसी थाना क्षेत्र क्षेत्र के खानपुर मठिया गांव सें लापता होने और दूसरे दिन 15 नवंबर को गांव के पोखरे में किशोरी की लाश मिलने की घटना में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नारात ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया।
इससे पूर्व पीड़ित पिता के नेतृत्व में गांव के लोग सरायलखंसी थाने पर प्रदर्शन कर घेराव किए थे। सोमवार को प्रदर्शन करने के बाद मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा गया। इसमें सरायलखंसी थाने की पुलिस पर आरोपियों को पकड़कर छोड़ने तथा मिली भगत करके मामले को दबाने का आरोप लगाया गया। लोगों ने थानाध्यक्ष को हटाने की मांग किया।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के खानपुर मठिया गांव निवासी मनोज का 12 वर्षीय पुत्र गोलू बीते 14 नवंबर की शाम को घर से कही जाने के लिए निकला। लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। इस दौरान परेशान परिवार के लोग उसकी तलाश किए, पता न लगने पर परिवार के सदस्यों ने गोलू के गायब होने की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई।
इसबीच दूसरे दिन 15 नवंबर को गोलू की लाश गांव के बाहर मौजूद पोखरी में उतराई मिली। शव मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। पिता ने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसमें माजा नट सहित चार अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया। बताया जाता है पुलिस माजा नट को पकड़ी, इसके बाद छोड़ दी। इस बात की जानकारी होने पर पीड़ित पिता और गांव के लोग 21 नवंबर को सरायलखंसी थाने पहुंचकर थाने का घेराव करते हुए पुलिस पर आरोपियों से मिली भगत होने का आरोप लगाया।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्व ने ग्रामीणों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। दो दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी जब आरोपी नहीं पकड़े गए तो सोमवार को पुन: मामले को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया गया।
गांव के लोगों का आरोप है कि बीते 20 वर्षो में इस स्थान पर इस तरह से चार बच्चों की लाश मिल चुकी है, सभी बच्चे एक ही उम्र के हैं, साथ ही हत्या का तरीका भी एक जैसा है। ग्रामीणों को य्ीन है कि उनके गांव के बच्चों को तंत्र मंत्र की प्रक्रिया पूरी करने के लिए गायब करके मारा जा रहा है।