मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के पुस्तकालय भवन में अधिवक्ता परिषद काशी, मऊ इकाई की ओर से अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का स्थापना दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में अधिवक्ताओं की भूमिका पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुल हसन ने राष्ट्रीय समस्याओं के निराकरण और योग्य अधिवक्ताओं के निर्माण पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता परिषद अपने आचरण, अनुशासन और न्यायिक क्षेत्र में निरंतर योगदान के माध्यम से न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
विशिष्ट अतिथि एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। तभी देश की न्याय व्यवस्था राष्ट्रीय हितों के अनुरूप और अधिक प्रभावी बन सकेगी।
अधिवक्ताओं जितेंद्रनाथ सिंह, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, रविशंकर सिंह, अश्वनी सिंह, प्रमोद कुमार सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह ने अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के गठन, उद्देश्यों और मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में परिषद के योगदान की भी चर्चा की।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह ने अधिवक्ता परिषद के गठन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारतीय मूल्यों के अनुरूप न्यायिक क्षेत्र में अधिवक्ताओं को अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।
अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ यादव ने आभार, महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र राय, विनोद कुमार सिंह, अमरेश प्रजापति, निशांत सिंह, विजय चौरसिया, रजनीश मौर्य, विश्वनाथ राय, रमाशंकर यादव, राजेश यति, राकेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।