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पॉजिटिव दर में आई कमी, थमने लगा कोरोना संक्रमण का ग्राफ

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मऊ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से अब जिला उबरता दिख रहा है। संक्रमण का ग्राफ बीते दो सप्ताह से लगातार कम होता दिख रहा है। इसके चलते पॉजिटिव दर में गिरावट आई है, वहीं रिकवर दर में अच्छी वृद्धि हुई है। शनिवार तक जिले में कुल 291 सक्रिय केस हैं। इसमें 8061 मरीजों में से 7702 मरीज रिकवर हो चुके है। जिले में अब रिकवर दर 96 फीसदी से ज्यादा पहुंच चुका है, जबकि पॉजिटिव दर 1.50 तक घट चुकी है।
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जिले में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अप्रैल माह में शुरू हुआ था। संक्रमण का यह दूसरी लहर पहली लहर से ज्यादा खतरनाक साबित होती दिखी। इसका अंदाजा इस आंकड़े से ही लगाया जा सकता है। 31 मार्च 2021 तक जिले में 3048 मरीज मिले थे, वहीं बीते शनिवार तक यह आंकड़ा 8061 तक पहुंच गया है। यानी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के 59 दिनों में ही 4113 मरीज मिले। सकारात्मक बात है कि बीते 10 दिन से अधिक समय से जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 50 से नीचे रह गई है।
इससे यह आंकड़ा 5 हजार तक नहीं पहुंच सका। कोरोना की दूसरी लहर का परिणाम था जिले के जिले में बनाए गए दो कोविड अस्पताल के अलावा निजी कोविड अस्पताल में बेड की जगह कम पड़ गई। इसका असर यह रहा कि नान कोविड अस्पताल जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भी बड़ी संख्या कोविड लक्षणों के सैकड़ों मरीज इस दरम्यान भर्ती हुए। लेकिन 45 दिनों तक लगातार चलने वाली भयावहता से जिला उबरता दिख रहा है। जिले की सेहत में पहले की तुलना में तेजी से सुधार हा रहा है। प्रतिदिन 100 से ज्यादा मिलने वाली मरीजों की संख्या 50 से नीचे तक पहुंच चुकी है। इसके चलते जिले की पाजिटिविटी रेट 1.67 फीसद और रिकवरी रेट 96.50 फीसद हो चुका है।
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चार लाख से ज्यादा की हो चुकी है जांच
मऊ। एक अप्रैल से शुरू हुई कोरोना संक्रमण की लहर पहली लहर से ज्यादा जानलेवा साबित हुई। जहां पहली लहर में मार्च 2020 से 31 मार्च 2021 तक मृत मरीजों की संख्या 39 थी। वहीं बीते 59 दिनों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं जिले में कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर अब तक करीब 2 लाख 57 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। इसमें 2 लाख 57 हजार 653 लोगों की जांच एंटीजेन से जबकि 2 लाख 1 हजार 579 लोगों की जांच आरटीपीसीआर से की जा चुकी है।
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