वहीं नूरजहां का बेटा अफसर अहमद, शमसुद्दीन तथा रिजवान घायल हो गए थे। उनका उपचार अब भी अस्पताल में चल रहा है। बृहस्पतिवार की रात दस बजे के करीब चारों शव बुलाकीपुरा स्थित नूरजहां के घर पहुंचे। एंबुलेंस से एक एक कर चार शव उतारे गए तो वहां मौजूद लोगों के मुंह से आह निकल गई।
घर में परिवार और रिश्तेदारों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। जरूरी रीतिरिवाज पूरा करने के बाद चारों शवों को करीब रात 11.30 बजे खीरीबाग मैदान में लाया गया। इस दौरान पूरे खीरीबाग के सहन की सड़कें और गालियों में कहीं भी पैर रखने की जगह नहीं थी।
हजारों लोगों की मौजूदगी में भी वहां सन्नाटा पसरा था। बाद में रघुनाथ पूरा स्थित अबाई कब्रिस्तान में चारों लोगों को दफन किया गया। इस दौरान पूर्व नपाध्यक्ष अरशद जमाल, नपाध्यक्ष तैयब पालकी, राशिद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।