लखनऊ में अधिवक्ता श्रवण कुमार वर्मा की हुई हत्या व अधिवक्ताओं के ऊपर हुए लाठीचार्ज की घटना के विरोध में बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के आह्वान पर पूरे दिन वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। वहीं, डिस्ट्रिक्ट बॉर के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक कर विरोध जताया।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें लखनऊ की घटना निंदा की गई तथा विरोध स्वरूप अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके बाद अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय को सौंपा।
इसमें मांग की कि मृतक अधिवक्ता के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, अपराधियों के विरुद्घ कठोर कार्यवाही की जाए। परिवार को सुरक्षा दी जाए। साथ ही अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की घटना में दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाए।
तथा अधिवक्ताओं के विरुद्व दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। इस मौके पर बार के अध्यक्ष शमसुल हसन, महामंत्री दारोगा सिंह, प्रभुनाथ सिंह, प्रमोद साहनी, घनश्याम सिंह, राजेंद्र राय, सत्येंद्र राय, रामबदन, अखंड प्रकाश पांडेय,प्रवीण गुप्ता, राजेश सिंह राज, जगरनाथ यादव, जनार्दन यादव, अश्वनी सिंह, ऋषिकेश सिंह आदि लोग शामिल रहे। डिस्ट्रिक्ट बार की बैठक संघ के पुस्तकालय भवन में हुई।
इसमें उक्त प्रकरण पर बार कौंसिल के प्रस्ताव के समर्थन में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। तथा राष्ट्रपति को संबोधित अपने नौ सूत्रीय मांगो का एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौपा। साथ ही प्रदेश के डीजीपी का पुतला फुका।