मऊ/वलीदपुर। नगर पंचायत वलीदपुर के बिचलापुरा में बीते वर्ष 14 अक्तूबर को हुए सिलिंडर विस्फोट कांड की घटना में अनाथ हुई चार बहनों को घोषणा के बाद भी मुआवजे की धनराशि नहीं मिली। ऐसे में चारों बहने सिलाई आदि कर अपना जीवन जी रही है।
बताते चले बीते वर्ष 14 अक्तूबर को नगर पंचायत वलीदपुर के बिचलापुरा मुहल्ले में सिलिंडर विस्फोट कांड की घटना हुई। विस्फोट स्व. छोटू विश्वकर्मा के घर में हुआ। इस दौरान उसका पूरा मकान उड़ गया। हादसे में 18 की मौत हुई थी। जबकि एक दर्जन लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद छोटू की पत्नी रीता की बाद में दो जुलाई को मौत हो गई। इसके बाद से उसकी चार बेटियां बेसहारा हो गई। साथ ही साथ चारों को मुआवजे की रकम भी नहीं मिली। हादसे से पूर्व पिता का साया और हादसे में घर गिरने और हादसे के बाद मां का सहारा छिने जाने पर बेघर के बाद बेसहारा हुई चारों बेटियों ने सिलाई आदि कर किसी तरह से अपना जीवन शुरु किया। लेकिन परेशानियां कम न होने और आश्वासन के बाद भी मुआवजे की रकम न मिलने पर बेटियों ने इसकी शिकायत पीएम पोर्टल पर किया।इसमें बेटियों ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को 13 लाख राहत राशि देने की घोषणा किया था। बेटियों ने बताया कि शिकायत करने के बाद उन्हे कोई संपर्क नहीं किया।