हत्या, लूट सहित एक दर्जन से अधिक अपराधों में लिप्त कुख्यात बदमाश अजीत यादव एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे उसके दो साथियों के साथ सोमवार को रानीपुर थाना क्षेत्र के ताहिरपुर गांव के समीप से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने कई घटनाओं का खुलासा किया है।
इसमें गत दिनों सरायलखंसी थाना क्षेत्र के भलयां गांव के समीप अज्ञात युवक की हत्या, नीलू हत्याकांड सहित साधन सहकारी समिति के पूर्व सचिव मनिराम सिंह की भी हत्या शामिल है। पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को पुलिस लाइन में तीनों घटनाओं का खुलासा किया। तीनों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार रानीपुर थाना क्षेत्र के ताहिरपुर गांव का निवासी अजीत यादव को पुलिस ने ताहिरपुर गांव के समीप वाहन चेकिंग के दौरान दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया। चेकिंग के दौरान अजीत ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया था। उसके पास से एक नाइन एमएम की पिस्टल के साथ चार कारतूस एवं एक खोखा बरामद किया गया है।
पकड़े जाने पर उसने गत दिनों भलाया में हुई एक युवक की हत्या का भी राज खोला। बताया कि एक पिस्टल गायब होने पर ऋषिकेश सिंह निवासी अहिलाद को गोली मारी गई। अजीत ने पिस्टल रखने के लिए अपने साथी निक्कू सिंह निवासी अहिलाद को दी थी। इस बीच किसी प्रकार घर से ही निक्कू सिंह की पिस्टल गायब हो गई। निक्कू सिंह ने गायब होने की आशंका ऋषिकेश सिंह पर जताई थी।
इसी बात को लेकर एक दिसंबर को अजीत और निक्कू सिंह ने ऋषिकेश सिंह को अपनी बाइक पर बैठाया और पिस्टल के बाबत पूछताछ की। पिस्टल का पता न बताने पर अजीत ने ऋषिकेश की गोली मारकर हत्या कर दी।
अजीत के पकड़े जाने के बाद ही ऋषिकेश सिंह की पहचान हुई तो उसके पिता को बुलाकर फोटो से शिनाख्त कराई गई। अजीत सिंह ने 13 सितंबर को दक्षिणटोला थाना क्षेत्र में नीलू सिंह की हत्या करना भी स्वीकार किया। कहाकि यह हत्या उसके भाई के कहने पर की।
पुलिस ने बताया कि 26 नवंबर को नगपुर करहां साधन सहकारी समिति के पूर्व सचिव मनिराम सिंह की हत्या में भी वह शामिल रहा। कुख्यात बदमाश एवं उनके साथियों को गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने स्वाट एवं रानीपुर थानाध्यक्ष की पीठ थपथपाई है। पुलिस टीम को पांच हजार रूपया पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की। पकड़े गए आरोपियों का न्यायालय चालान कर दिया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।