सीमा पर जब जांबाज सैनिक पूरी मुस्तैदी से पहरा दे रहा होता है, तभी देशवासी चैन की नींद सोते हैं। अपने कर्तव्य निर्वहन में फौजी अपनी जान की परवाह नहीं करता, भले ही उसकी जान कुर्बान हो जाए। ऐसे ही छह जांबाज पूर्व सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र की तरफ से सोमवार को झंडा दिवस पर सम्मानित किया गया।
कश्मीर में तैनाती के दौरान आपरेशन रक्षक नामक अभियान के दौरान दुश्मनों द्वारा किए गए माइन ब्लास्ट में भीटी के निवासी दुर्गविजय सिंह ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसी प्रकार भौरेपुर गांव निवासी सुरेंद्र यादव की भी टांग दुश्मनों द्वारा किए गए माइन ब्लास्ट में चली गई।
जबकि एक आपरेशन पर निकले मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के भदीड़ निवासी लक्ष्मण प्रसाद और घोसी तहसील के कल्यानपुर निवासी राम शकल विश्वकर्मा की टांगें बेकार हो गईं। जबकि ऐसे ही फौजियों की श्रेणी में सदर तहसील क्षेत्र के रेवरीडीह गांव के रहने वाले चंद्रजीत यादव और एकौना गांव निवासी रामाधार यादव भी विकलांग हो गए।
प्रभारी जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव ने देश के लिए विकलांगता ओढ़ने वाले इन फौजियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया। फौजियों को जिला दायत्वि निधि से सम्मानित करने की व्यवस्था की गई। अपर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट पर इन छहों पूर्व सैनिकों को दो दो हजार रुपये और अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि कर्तव्य निर्वहन में अपनी शरीर की परवाह न करने वाले इन वीर सैनिकों को सम्मानित करते हुए उन्हें स्वयं गर्व की अनुभूति हो रही है। प्रभारी जिला सैनिक एवं पुनर्वास कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने कहा कि हमें फौजियों के योगदान को कभी भूलना नहीं चाहिए। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी और वीरेंद्र यादव सहित कर्मचारी मौजूद रहे।