अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को सरायलखंसी थाना क्षेत्र में नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुराचार करने के मामले में एक व्यक्ति को सात साल के सश्रम कारावास की सजा और 20 हजार जुर्माना लगया है। इसके अलावा युवती के अपहरण के आरोप में तीन वर्ष कारावास और पांच हजार अर्थदंड निर्धारित किया है।
अर्थदंड न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अन्य दो आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। अर्थदंड से प्राप्त 13 हजार रुपए पीड़ित को दिए जाएंगे जबकि न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उसके मानसिक उत्पीड़न की क्षतिपूर्ति दिलाने को कहा है।
किशोरी के पिता ने सरायलखंसी थाने में 28 अक्तूबर 2008 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को कुच लोग बहला फुसलाकर ले गए और उसके साथ दुराचार किया। इस मामले में शहर कोतवाली के भीटी मुहल्ला निवासी अर्जुन गुप्ता, कोपागंज बाजार निवासी चंदन गुप्ता और सहादतपुरा के राजू गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी श्रीप्रकाश यादव ने आठ गवाह पेश किए।