अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल अफताब अहमद की अदालत ने हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों में बुधवार को महिला सहित दोषी पाए गए दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40-40 हजार रूपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक- एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की रकम जमा हो जाने पर अस्सी प्रतिशत धनराशि मृतक रामबचन के वारिसानों को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। वहीं, एक आरोपी सुरेश राजभर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार, कटघरा शंकर मथई गांव निवासी वादिनी मुकदमा किरन के पति रामबचन की चार मई 2013 की रात्रि में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वादिनी का कथन था कि उसके गांव की उर्मिला पत्नी स्व. सूर्यभान ने उससे कहा था कि उसके पति की हत्या रामबचन ने लुधियाना में करा दिया है। वह अपने पति की हत्या का उससे बदला लेगी। उसी के चलते उर्मिला ने वीर बहादुर के साथ योजना बनाकर तीन मई 2013 की रात्रि में उसके पति जब बरामदे में सो रहे थे, रात्रि में चाकू से मारकर हत्या करा दी।
मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद गांव के ही वीर बहादुर राजभर पुत्र झूरी, उर्मिला पत्नी स्वर्गीय सूर्यभान और भेडकुल सुल्तानपुर गांव निवासी सुरेश राजभर पुत्र ढोढे राजभर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र त्रिपाठी ने वादिनी सहित कुल 12 गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद वीरबहादुर राजभर और उर्मिला को बुधवार को हत्या का दोषी पाया था। सोमवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।