बसों में सफर करने वाले यात्रियों की अटैचियों और बक्सों को निशाना बनाने वाले गिरोह के पंाच सदस्यों को दोहरीघाट थाना पुलिस ने बुधवार की रात में अलग अलग स्थानों से छापा मारकर गिरफ्तार किया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाला चोरों का गिरोह छोटे छोटे कस्बों में किराए का मकान लेकर रहता है। चोरी करने से पहले घरों की रेकी करता है, फिर रात में घटना को अंजाम देता है।
गुरुवार को एसपी अनिल कुमार सिंह प्रेस वार्ता में बताया कि आठ फरवरी को बलिया जिले के फेफना थाने के औंदी गंाव का रहने वाला दुर्गा प्रसाद एक शादी मे भाग लेने देाहरीघाट रोडवेज बस से जा रहा था।
इसी दौरान उसकी अटैची के ताले तोड़कर चंादी के कुछ आभूषण , पैंट , कीमती साड़ियां , सूट और आठ सौ रुपये नगद चोरी हो गया। दुर्गा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दोहरी घाट थाने की पुलिस जांच कर रही थी।
इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोहरीघाट रोडवेज के पास से संजय नामक एक युवक को पकड़ा। यह फर्रुखाबाद जिले के मेरापुर थाने के ब्रह्मपुरी मुहल्ले का रहने वाला है।
पुलिस की कड़ाई पर इसने दुर्गा की अटैची तोड़कर चोरी करने का अपराध कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके चार अन्य साथियों को दोहरीघाट रेलवे स्टेशन के उत्तर तरफ स्थित खंडहर के पास से गिरफ्तार किया।
पकड़े गए सरमन, मुकेश, राजपाल और श्रीचंद फर्रुखाबाद जिले के मेरापुर थाने के अलग अलग गांवों के रहने वाले हैं। पकड़े गए चेारों की निेशानदेही पर पुलिस ने बड़हलगंज में किराए के कमरे से दुर्गा की अटैची से़ चुराए गए सभी सामान बरामद कर लिया।
इस मुहिम में एसओ अशोक कुमार सरोज, एसआई आर एन सिंह, वैभव तिवारी, सिपाही हरिंद्र पटेल और अनिल विश्वकर्मा शामिल रहे। ये सभी चोर बड़हलगंज में एक किराए के कमरे में रह रहे थे।
एसपी ने बातया कि चोरों का यह गिरोह दिन में फेरी लगाकर कुछ सामान वगैरह बेंचते हैं और रात में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं।