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छात्रा से दुष्कर्म मामले में दाई भी गिरफ्तार

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घोसी के मदरसा समसुल उलूम निशवा में जांच करते एडीएम देवी प्रसाद पाल, एएसपी शैलेंद्र श्रीवास्तव और अन्य। - फोटो : mau
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करीमुद्दीपुर गांव स्थित मदरसा शमशुल ओलूम निस्वां में छात्रा संग हुई दुष्कर्म की घटना में पुलिस ने दाई को भी मंगलवार की सुबह बाजार से गिरफ्तार कर लिया। जबकि इससे पहले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। उधर, जिलाधिकारी द्वारा गठित आठ सदस्यीय टीम ने शाम मदरसा पहुंच कर जांच पड़ताल की।
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मदरसे में पढ़ने और महिला छात्रावास में रहने वाली छात्रा के संग बीते 3 अगस्त की रात को प्रबंधक के भाई मो. कासिम उर्फ बाबू ने बलात्कार किया था। छात्रा के विरोध करने पर उससे धमकी दी थी। घटना को लेकर जब छात्रावास की छात्राओं ले विरोध किया तो चार अगस्त को उन्हे प्रधानाचार्या आसिया और प्रबंधक नासिर और सहायक अध्यापक व आरोपी के चचेरे भाई महफूज ने धमकाकर चुप करा दिया था। इसमें मदरसे की दाई बदरुनिशा को भी नामजद किया गया। दाई बदरुनिशा को मंगलवार की सुबह पुलिस ने दबोचा। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने आठ अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की।

टीम में अपर जिलाधिकारी डीपी पाल के साथ अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव, सीओ मधुबन श्वेता आशुुतोष ओझा, सीओ घोसी अनिल कुमार, एसडीएम घोसी छेदी लाल सोनकर, एआरटीओ कहकशां खातून, जिला अलपसंख्य कल्याण अधिकारी लालमन यादव, जिला अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र तिवारी को शामिल किया गया। टीम में शामिल अधिकारी मंगलवार की शाम जांच कें लिए मदरसा पहुंचे। टीम ने पहले छात्रा के कमरे का निरीक्षण किया।
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इसके बाद प्रभारी प्रधानाचार्य से बातचीत कर उनसे अभिलेखों की मांग किया। आठ से उपर की कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं की सूची मय फोन नंबर के मांगा तो विद्यालय प्रशासन उपलब्ध नहीं करा सका। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। साथ ही दुसरे मदरसे के शिक्षक को उर्दू के अभिलेखों को पढ़ने के लिए बुलाया गया। सूत्रों की मानें तो जांच का उद्देश्य इस बात का पता लगाना है कि कही मदरसे में पढ़ने वाली अन्य छात्राएं भी तो इस तरह की शोषण का शिकार तो नहीं न हुई है।
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