मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने हत्या का प्रयास और जालसाजी के अलग-अलग तीन मामलों में पांच आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला जज ने यह आदेश दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
पहला मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है। थानाध्यक्ष हलधरपुर विनय सिंह की तहरीर पर हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 27 सितंबर सुबह सवा आठ बजे एक वाहन चालक ने आकर बताया कि महुआमोड के पास दुर्घटना हो गई है। सूचना पर पहुंचे तो वहां जाम कर रहे लोगों ने वाहनों को तोड़फोड कर आग लगा दी। तथा पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला किया। मामले में आरोपी मेऊडी गांव निवासी नदुल कुमार राजभर पुत्र चंद्रमा और रजनापुर गांव निवासी अभिषेक सिंह पुत्र मदन सिंह की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। दूसरा मामला भी हलधरपुर थाना क्षेत्र का है। जिसमें डीडी पब्लिक स्कूल के चौकीदार हरिकिशुन यादव पुत्र जगनू की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 27 सितंबर को बलिया की तरफ से मऊ जा रही प्राइवेट बस ने बच्चों के टैंपू में टक्कर मार दी। जिससे टैंपू में सवार 12 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे नाराज लोगों ने स्कूल के गेट के सामने जाम कर पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। कुछ लोगों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। इस मामले में आरोपी मेऊड़ी निवासी नदुल कुमार राजभर पुत्र चंद्रमा , अमरजीत कुमार पुत्र राम दुखन, सुनील कुमार पुत्र भोला तथा रजनापुर गांव निवासी अभिषेक सिंह पुत्र मदन सिंह की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद जिला जज ने खारिज कर दिया। तीसरा मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है। वादी मुकदमा जगदीशपुर टकटेऊवा रामपुर गांव निवासी मनीष कुमार राजभर पुत्र रामविजय राजभर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि आरोपी ने यूनियन बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर उसका डेढ लाख रुपया हड़प लिया। मामले में आरोपी कोतवाली मुहम्दाबादगोहना क्षेत्र के क्यामपुरगांव निवासी अजय कुमार पुत्र इंद्रदेव की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद जिला जज ने खारिज कर दिया।