किसानों के नाम पर फर्जी लोन कराकर करोड़ों रुपये डकारने के मामले में वांछित चल रहे तीन लोगों को सीबीआई की टीम ने छापेमारी कर शुक्रवार को गिरफ्तार किया। सीबीआई बीते तीन दिनों से जिले में डेरा डाले थी। टीम को निरीक्षक अतुल दीक्षित लीड कर रहें थे, उनके साथ तीन दरोगा भी मऊ आए थे।
चार वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय पर बलिया मोड़ स्थित टैक्टर की एजेंसी से ट्रैक्टर बिकवाने के नाम पर किसानों के नाम पर एसबीआई बैंक से फर्जी लोन कराया गया। रुपये को एजेंसी मालिक सहित अन्य ने मिलकर डकार लिया था। किसानों को जानकारी तब हुई जब उनके नाम से बैंक ने आरसी जारी किया। किसानों ने अधिकारियों के यहां गुहार लगाई। शिकायत पर तत्कालीन डीएम के आदेश पर दोहरीघाट थाने में 52 के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें हलधरपुर थाने के नगवा, इसहाकपुर, बेलौझा आदि क्षेत्रों के रहने वाले लोगों का नाम शामिल किया गया। बाद में मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया। 11 नवंबर 2018 से अब तक सीबीआई का जिले में आना जाना लगा रहा। पहली बार पुलिस ने दो बीडीसी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया था। इसके बाद वाछित चल रहे नगवा गांव निवासी और पेशे से शिक्षक अरुण सिंह, मड़ईली बढनपुर गांव निवासी विजय प्रकाश और रामकरन को गुुुरुवार की रात में हलधरपुर थाने की पुलिस से दबोचा। निरीक्षक सीबीआई अतुल दीक्षित ने बताया कि वांछित चल रहें तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ी टीम लखनऊ रवाना हो गई है।