मऊ। शहर कोतवाली पुलिस ने आठ माह पूर्व सामूहिक दुराचार के एक मामले में आरोपी बने दो आरोपियों का पूर्व की घटना का हवाला देकर उनका गैंगेस्टर में चालान कर दिया गया। लेकिन कोर्ट ने विवेचक द्वारा आरोपियों के विरुद्ध रिमांड जारी करने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
मामले के अनुसार शहर कोतवाली पुलिस ने आठ माह पूर्व 19 नवंबर 2016 को एक महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज किया। इसमें पीड़िता ने शादी का झांसा देकर भगा ले जाने और धर्म परिवर्तन कराकर सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाते हुए शहर कोतवाली क्षेत्र के हरिकेशपुरा मुहल्ला निवासी मुहम्मद आदिल पुत्र अकबर अली और नदीम पुत्र इकबाल को नामजद किया था। इस मामले में दोनों आरोपी जिला जेल में बंद भी है। इस बीच इसी मामले का हवाला देते हुए शहर कोतवाली की पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करते मुहम्मद आदिल और नदीम को आरोपी बनाया। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष दक्षिणटोला को सौंपा गया। मामले के विवेचक ने एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर गैंगेस्टी के मामले में आरोपियों का रिमांड बनाए जाने के लिए जेल से तलब करने का अनुरोध किया। दोनों आरोपियों को गुरुवार को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान मामले के विवेचक कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। एडीजे ने प्रार्थना पत्र के साथ लगे कागजात का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुराचार का एक पुराना मामला है, उसी को आधार बनाकर गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया है। एडीजे ने अपने आदेश में लिखा कि मामले में गैंगेस्टर एक्ट के तीन प्राविधानों में से किसी प्राविधान का उल्लंघन नहीं हुआ है। ऐसे में मामले में मुहम्मद आदिल और नदीम का गैंगेस्टर एक्ट के तहत रिमांड बनाए जाने के लिए विवेचक की ओर से दी गई अर्जी को खारिज कर दिया।