मऊ। जिले में पटाखों की बिक्री के लिए केवल चार लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। ये चारों भी केवल घोसी कोपागंज और चिरैयाकोट में हैं। जनपद मुख्यालय और मधुबन तहसील में भी एक भी लाइसेंसी दुकान नहीं है। लेकिन पूरे साल जिला मुख्यालय सहित सभी बाजारों में खुलेआम पटाखों की ब्रिकी की जाती है। इन दिनों तो लगन चल रही है। इस समय पटाखों की बिक्री भी खूब हो रही है। केवल दीवाली के अवसर पर अस्थाई रूप से तीन दिनों के लिए पटाखों की बिक्री के लाइसेंस जारी किए जाते हैं। दूसरी तरफ चुनाव को लेकर तो नहीं लेकिन जहरीली शराब पीने से हुई मौत की घटना के बाद से जिला और पुलिस प्रशासन शराब कारोबारियों के विरूद्घ अभियान जारी रखा है।
जिला प्रशासन की ओर से मुहम्मदबाद गोहना तहसील में चिरैयाकोट कबसे में सुमित्रा देवी के नाम से लाइसेंस जारी है जब कि सदर तहसील में केवल कोपागंज कस्बे से में बृजमोहन के नाम से लाइसेंस निर्गत किया गया है। घोसी तहसील के माउरबोझ गांव निवासी भगवान प्रसाद और हरि प्रसाद के नाम से लाइसेंस जारी किए गए हैं। बस इन्ही चार लोगों के नाम से पटाखों की बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए हैं। लेकिन इनके अलावा जिले के सभी बाजारों, गनर पंचायतों में पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिला मुख्यालय पर एक भी लाइसेंस नहीं है फिर भी भारी संख्या में पटाखों की ब्रिकी खुले आम की जाती है। यह तो महज संयोग है कि पिछले पांच सालों में जिले में पटाखों के विस्फोट की कोई घटना नहीं हुई। लेकिन पटाखों की बिक्री के बारे में प्रशासनिक शिथिलता से कभी भी भदोही जैसे भीषण हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे ऐसी घटना होने पर घायलों का बेहतर उपचार किया जा सकें। हालांकि सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. बृज कुमार का दावा है कि दुर्घटना की घटनाओं से निपटने के लिए उनकी टीम सदैव तत्पर रहती है। चुनाव को लेकर जिला प्रशासन शराब और पटाखा कारोबारियों के विरुद्घ कोई अभियान नहीं चलाया है, लेकिन बीते दिनों कुशीनगर सहित दो स्थानों पर जहरीली शराब पीने से हुई मौत की घटना के बाद से, जिला और पुलिस प्रशासन शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान जो चलाया वह अभी भी जारी है। इस बाबत एडीएम डीपी पाल का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रभावी करने के निर्देश संबंधित क्षेत्रके अधिकारियों को दिए गए हैं।