मऊ। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। लेकिन पुलिस विभाग के पास शवों के शिनाख्त कराने के लिए कोई प्रभावी कार्ययोजना नहीं है। इसका लाभ उठाते हुए बदमाश हत्या करने के बाद शव को दूसरे थाने या जिले के थानाक्षेत्र में फेंक देते हैं। इसके बाद पुलिस शिनाख्त के नाम पर पानी में डंडा पिटने का काम करती है। रानीपुर थाना क्षेत्र में करीब दो माह पूर्व हत्याकर फेंकी मिली महिला की लाश की शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है। बदमाश रानीपुर थाना क्षेत्र के रामवन कांझा गांव के सिवान में महिला की हत्या कर उसकी लाश को फेंके थे। स्वयंसेवी संस्था देवाश्रम की तरफ से इस वर्ष अब तक 40 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करा चुकी है।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मिलने वाले अज्ञात शवों की शिनाख्त करने के मामले में पुलिस प्रशासन की तरफ से ठोस कार्ययोजना अभी तक नहीं बनाई जा सकी है।इससे अधिकांश अज्ञात शवों की पहचान नहीं हो पाती है। अपराधी हत्या करके पहचान छिपाने के लिए शव कहीं फेंक कर फरार हो जाते हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र से लेकर मधुबन थाना क्षेत्र में अज्ञात शव फेंका मिला था। जनवरी माह में मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी के पास हत्या कर फेंकी मिली। सफाई कर्मचारी के शव की शिनाख्त होने पर पता चला कि वह तो मूलरुप से घोसी थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस इस मामले का अनावरण कर दो लोगों को गिरफ्तार की। इसी तरह से रानीपुर थाना क्षेत्र के काझा गांव के रामवन मेें गत 19 अगस्त 2017 को हत्या कर फेंकी मिली अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त आज तक नहीं हो सकी। हालांकि पुलिस आज भी शव शिनाख्त कराकर मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है। ये घटनाएं तो बानगी है। पुलिस विभाग की मानें तो अज्ञात शवों के मिलने पर उनकी फोटोग्राफी कराई जाती है। साथ ही उनके कपड़ों को सुरक्षित रखा जाता है। कागजी खानापूर्ति के बाद भी शिनाख्त न होने पर स्वयंसेवी संस्था देवाश्रम शवों का अंतिम संस्कार करता है। इसीक्रम में बीते वर्ष 2016 में 57 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह के मुताबिक इस वर्ष 40 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार उनकी संस्था ने कराया है। इसके अलावा जीआरपी रेलवे, मधुबन, दोहरीघाट, चिरैयाकोट, जिला अस्पताल से ज्यादा अज्ञात शव मिलते हैं। नवागत पुलिस अधीक्षक ललित कुमार ने बताया कि अब शवों के शिनाख्त कराने के लिए थंब इंप्रेशन विभाग की मदद से संबंधित थानों को सक्रिय किया जाएगा।