जनपद में असलहा तस्करों का नेटवर्क मजबूत है। तस्करों का नेटवर्क आसपास के जिलों से लेकर बिहार प्रांत तक है। ऐसे में नजदीक आ रहे लोकसभा चुनाव से इनकी गतिविधियां तेज हो गई हैं। तस्कर इन असलहों को पडोसी जिलों तक सप्लाई करने की अपनी मुहिम में जुट गए हैं। यह एक संयोग है कि इधर पुलिस की स्वाट टीमों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। परिणाम है कि हाल के दिनों में पुलिस ने असलहा तस्करों के गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर भारी संख्या में असलहे बरामद करने पर सफलता पाई है।
मधुबन थाना क्षेत्र के देवारांचल में वैसे तो अवैध शराब का कारोबार काफी होता है। लेकिन अब असलहों के कारोबार में इस क्षेत्र के तस्करों का नाम सामने आ रहा है। इसी क्षेत्र के दो असलहा तस्कर और इस क्षेत्र से सटे उभांव थाना क्षेत्र के एक युवक का राइफल, पिस्टल, तीन बंदूकों और आठ तमंचों के साथ देवारा के दुरूह इलाकों से होकर देवरिया की ओर जाते पकडा जाना यह साबित करने के लिए काफी है कि इन तस्करों की सक्रियता अचानक नहीं बढ़ गई है। इसी प्रकार सरायलखंसी थाना की पुलिस ने दो असलहा तस्करों को कई असलहों के साथ पकड़ चुकी है। रानीपुर थाने की पुलिस भी दो महीने पूर्व तीन तस्करों को छह असलहों के साथ पकड़ा था।
जानकारों का मानना है कि अभी भी बहुत से से ऐसे असलहा तस्कर हैं जो पुलिस की पकड में नहीं आ रहे हैं ओर ये अपनी मुहिम को अंजाम देने में सफल हो सकते हैं। वैसे भी आम चुनावों को देखते हुए इन असलहों से अशांति पैदा करने की कोशिशें हो सकती हैं। ऐसा पुलिस अधिकारी ही शंका जता रहे हैं। पुलिस को और भी सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। इस बाबत एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि असलहा तस्करों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाकर कार्रवाई करने की हिदायत सभी थाना प्रभारियों को दी गई है।