मऊ। दुर्गापूजा में दुर्गापूर्जा महासमिति के पदाधिकारियों का शांतिभंग में पाबंद किये जाने के समिति के विरोध को जिला प्रशासन ने शनिवार को संज्ञान में लिया है। साथ ही जांचोपरांत सूचीबद्घ समिति के पदाधिकारियों के नाम को निकालने और नोटिस वापस लेने को आश्वस्त कराया है। इस मामले में गत दिनों पूजा महासमिति के पदाधिकारियों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। इस पर समितियों ने बैठककर पदाधिकारियों के नामों को सूची से निकालने व नोटिस को वापस लेने की मांग की थी। साथ ही नोटिस न लेने पर दुर्गापूजा का जिले में बहिष्कार करने का निर्णय लिया था।
बता दें कि प्रशासन हर साल पुरानी परंपराओं के तहत हर दुर्गापूजा में किसी तरह की अशांति न फैलने की आशंका से अराजकतत्वों को पाबंद कर देता है। जिला प्रशासन की इस परंपरा पर रोक लगाने को लेकर शुक्रवार को बाबा बिहारीदास मंदिर पर दुर्गापूजा महासमिति की बैठक आहूत की गई थी। इसमें सभी दुर्गापूजा समितियों ने प्रशासन द्वारा शांतिभंग करने की परंपंरा का विरोध करने का निर्णय लिया था। साथ ही पूजा का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया था। हालांकि इसकी सूचना किसी ने पहले ही जिला प्रशासन को दे दी थी। जिसको प्रशासन ने महासमिति के सदस्यों के मिले ही शनिवार को कोतवाली परिसर में पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह एवं सिटी मजिस्ट्रेट हंसराज ने सभी पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि पदाधिकारियों का नाम जांचोपरांत हटाया जाएगा। जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद समिति के लोग मान गए। सिटी मजिस्ट्रेट हंसराज ने बताया कि दुर्गापूजा महासमिति के सदस्यों से वार्ता के बाद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जांच कर यह पता किया जाएगा कि किन-किन पदाधिकारियों का नाम गलत ढंग से शांतिभंग में पाबंद कर नोटिस जारी की गई है। जिनका नाम बिना वजह सूची में शामिल किया गया होगा उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा।